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PM Kisan Samman Nidhi Yojana के लाभार्थी किसान जल्दी करवा ले EKYC, वरना नही मिलेगा लाभ

PM Kisan Samman Nidhi Yojana के लाभार्थी किसान जल्दी करवा ले EKYC, वरना नही मिलेगा लाभ





 हैलो दोस्तों नमस्कार ! 

आज सभी का हमारे ब्लॉग पोस्ट में हार्दिक स्वागत है। आज मैं आपको पीएम किसान सम्मान निधि योजना की एक नई अपडेट के बारे में अवगत करवाना चाहता हूँ।

जिन किसान बंधुओं को केंद्र सरकार द्वारा 2000 रुपये की तीन किस्तों यानि 6000 रुपये प्रति वर्ष लाभ दिया जाता है। उन किसान भाइयों को अब इसी तरह आगे भी योजना का लाभ लेना है, तो जल्दी ही ekyc करवानी होगी।

यदि योजना के लाभार्थी किसान ekyc नहीं करवाते हैं तो उनको इस योजना से वंचित किया जा सकता है।

यदि आप इस योजना के लाभार्थी हैं और अपनी ekyc करवाना चाहते हैं तो आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने नजदीकी CSC सेंटर पर संपर्क करें।


ekyc के लिए आवश्यक दस्तावेज़-

1. आधार कार्ड 

2॰ योजना के अंतर्गत पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए हुए OTP

3. जो किसान लाभार्थी के रूप में पंजीकृत है, उस स्वयं को सीएससी सेंटर पर जाकर फिंगर लगवानी है। 


PM kisan योजना EKYC Last Date

फिलहाल पीएम किसान योजना के तहत ekyc करवाने की कोई अंतिम तिथि नहीं है।




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सुनीता स्वामी नागौर की जीवनी 2026 | Sunita Swami Biography in Hindi

सुनीता स्वामी नागौर की जीवनी 2026: राजस्थान की मशहूर भजन गायिका का जीवन परिचय, उम्र, परिवार, भजन और सफलता की कहानी

सुनीता स्वामी नागौर की जीवनी 2026 – राजस्थान की लोकप्रिय भजन गायिका Sunita Swami Biography in Hindi


परिचय

सुनीता स्वामी नागौर आज राजस्थान की जानी-मानी भजन गायिकाओं में से एक हैं। उनकी आवाज में भक्ति, सादगी और राजस्थानी लोक संगीत की मिठास साफ सुनाई देती है। बहुत कम उम्र में उन्होंने भजन गायन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। आज उनके भजन राजस्थान ही नहीं, बल्कि भारत के अलग-अलग राज्यों में सुने जाते हैं।

सुनीता स्वामी खासतौर पर भक्ति भजन, चेतावनी भजन, गुरु वाणी, राजस्थानी लोक भजन और संतों की वाणी गाने के लिए जानी जाती हैं। YouTube और सोशल मीडिया ने उनकी पहचान को और मजबूत किया है। गांव से निकलकर लाखों लोगों के दिलों तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन सुनीता स्वामी ने अपनी मेहनत, परिवार के सहयोग और गायन प्रतिभा से यह सफर तय किया है।

इस पोस्ट में हम सुनीता स्वामी की जीवनी, उनका प्रारंभिक जीवन, परिवार, संगीत यात्रा, YouTube करियर, लोकप्रिय भजन, सोशल मीडिया, उपलब्धियां और उनसे जुड़ी जरूरी बातें आसान भाषा में जानेंगे।


सुनीता स्वामी कौन हैं?

सुनीता स्वामी राजस्थान की एक लोकप्रिय भजन गायिका हैं। वह नागौर क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं और राजस्थानी भक्ति संगीत में उनकी मजबूत पहचान है। उनकी आवाज में एक अलग ही मिठास है, इसलिए उनके भजन सुनने वाले लोग भावनात्मक रूप से उनसे जुड़ जाते हैं।

वह ज्यादातर भक्ति भजन और लोक गीत गाती हैं। उनके गीतों में भक्ति, जीवन की सच्चाई, गुरु भक्ति, संत वाणी और राजस्थानी संस्कृति का सुंदर मेल देखने को मिलता है। यही कारण है कि उनके भजन गांव-गांव, मंदिरों, भजन संध्याओं और YouTube पर खूब सुने जाते हैं।

आज के समय में जब बहुत से युवा modern music की तरफ जा रहे हैं, वहीं सुनीता स्वामी ने भक्ति संगीत को अपनी पहचान बनाया। यही बात उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है।


सुनीता स्वामी का जीवन परिचय

सुनीता स्वामी का संबंध राजस्थान के नागौर जिले से माना जाता है। उनका नाम खासतौर पर नागौर और झोरड़ा गांव से जोड़ा जाता है। वह एक साधारण परिवार से आती हैं, लेकिन उनकी प्रतिभा ने उन्हें बहुत खास बना दिया।

उनके परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। खासकर उनके पिता और भाई ने उनके संगीत सफर में बड़ा योगदान दिया। परिवार का यही सहयोग उनकी सफलता की मजबूत नींव बना।

सुनीता स्वामी बचपन से ही संगीत और भक्ति वातावरण से जुड़ी रही हैं। घर और गांव के धार्मिक माहौल ने उनके मन में भजन गायन के प्रति रुचि पैदा की। धीरे-धीरे यह रुचि जुनून में बदल गई और फिर यही जुनून उनका करियर बन गया।


सुनीता स्वामी का प्रारंभिक जीवन

सुनीता स्वामी का बचपन राजस्थान की मिट्टी, लोक संस्कृति और भक्ति संगीत के बीच बीता। गांव के माहौल में होने वाले भजन, धार्मिक कार्यक्रम और लोक गीतों ने उनके मन पर गहरा असर डाला।

कम उम्र से ही उनकी आवाज लोगों को पसंद आने लगी थी। जब वह छोटे कार्यक्रमों में भजन गाती थीं, तो लोग उनकी आवाज की तारीफ करते थे। इसी तारीफ और परिवार के प्रोत्साहन ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।

उनकी शुरुआती शिक्षा नागौर क्षेत्र में हुई मानी जाती है। पढ़ाई के साथ-साथ उनका ध्यान संगीत की तरफ भी था। वह धीरे-धीरे भजन गायन में खुद को मजबूत करती गईं।


परिवार का सहयोग

किसी भी कलाकार की सफलता में परिवार का सहयोग बहुत जरूरी होता है। सुनीता स्वामी के जीवन में भी परिवार की भूमिका बहुत बड़ी रही है।

उनके पिता ने उन्हें बचपन से ही गाने के लिए प्रेरित किया। वहीं उनके भाई राजू स्वामी ने उनके संगीत करियर को आगे बढ़ाने में खास भूमिका निभाई। राजू स्वामी संगीत, रिकॉर्डिंग और स्टूडियो से जुड़े हुए हैं। सुनीता स्वामी के कई भजन स्वामी स्टूडियो नागौर से जुड़े हुए माने जाते हैं।

परिवार का यही साथ सुनीता के लिए सबसे बड़ी ताकत बना। छोटे गांव से निकलकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहचान बनाना आसान नहीं था, लेकिन परिवार के सहयोग से यह सफर आसान हुआ।


संगीत के प्रति रुचि कैसे शुरू हुई?

सुनीता स्वामी को बचपन से ही भजन और लोक संगीत पसंद था। वह धार्मिक कार्यक्रमों में भजन सुनती थीं और धीरे-धीरे खुद भी गाने लगीं। उनकी आवाज में भक्ति का भाव साफ महसूस होता है।

शुरुआत में वह गांव और आसपास के छोटे कार्यक्रमों में गाया करती थीं। उस समय शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं होगा कि आने वाले समय में उनकी आवाज लाखों लोगों तक पहुंचेगी।

धीरे-धीरे उनके गीत रिकॉर्ड होने लगे और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म पर अपलोड होने लगे। यही उनके करियर का turning point बना।


YouTube से मिली बड़ी पहचान

आज के समय में YouTube नए कलाकारों के लिए बहुत बड़ा मंच बन चुका है। सुनीता स्वामी के लिए भी YouTube ने बहुत बड़ा काम किया। उनके भजन YouTube पर upload होने लगे और लोगों ने उन्हें खूब पसंद किया।

उनके YouTube channel “Sunita Swami Official” ने काफी तेजी से popularity हासिल की। भक्ति संगीत पसंद करने वाले लोगों ने उनके channel को subscribe किया और उनके भजन share किए।

June 2026 तक public search results में उनके YouTube channel पर लगभग 2.97 million subscribers और 900 से ज्यादा videos show हो रहे हैं। यह किसी भी regional भजन गायिका के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।

YouTube ने सुनीता स्वामी को सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें देशभर के भजन प्रेमियों तक पहुंचाया।


Lockdown में करियर को मिली रफ्तार

2020 में Covid-19 lockdown के समय बहुत से लोगों का काम रुक गया था, लेकिन कई artists के लिए digital platforms एक नया मौका बनकर सामने आए। सुनीता स्वामी के लिए भी यह समय बहुत महत्वपूर्ण रहा।

इस दौरान लोगों ने online content ज्यादा देखना शुरू किया। भजन, लोक गीत और devotional music की demand भी बढ़ी। सुनीता स्वामी के भजन इस समय बहुत लोगों तक पहुंचे।

उनकी आवाज, भक्ति भाव और सादगी लोगों को पसंद आई। धीरे-धीरे उनके videos पर views बढ़ने लगे और उनका नाम popular होने लगा।


सुनीता स्वामी की गायन शैली

सुनीता स्वामी की गायन शैली बहुत सरल और भावपूर्ण है। उनकी आवाज में मिठास है और उनके भजन सुनने में सीधे दिल तक पहुंचते हैं।

उनकी गायकी की कुछ खास बातें:

  1. आवाज में सादगी और भक्ति भाव

  2. राजस्थानी लोक संगीत की झलक

  3. संत वाणी और गुरु वाणी का सुंदर प्रस्तुतीकरण

  4. भजनों में साफ उच्चारण

  5. traditional style के साथ modern recording quality

वह भजन को सिर्फ गाती नहीं हैं, बल्कि उसमें भाव डालती हैं। यही कारण है कि उनके भजन सुनते समय लोगों को शांति और सकारात्मकता महसूस होती है।


सुनीता स्वामी के लोकप्रिय भजन

सुनीता स्वामी ने कई भजन गाए हैं जिन्हें लोगों ने बहुत पसंद किया है। उनके कुछ लोकप्रिय भजनों और गीतों के नाम इस प्रकार हैं:

  • एसो नही है जन्म बारम्बार

  • हरी गुण गाये ले रे

  • पहले जैसा प्रेम हमेशा कोनी रेवे रे

  • राम सुमरले सुखरत करले

  • चेतावनी भजन

  • गुरु वाणी भजन

  • म्हारा सतगुरु जी

  • भक्तों की लगन

  • गो माता भजन

  • मीरा बाई भजन

  • राजस्थानी लोक भजन

इन भजनों में भक्ति, जीवन की सीख और राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है।


सुनीता स्वामी और राजस्थानी भक्ति संगीत

राजस्थान की संस्कृति में लोक गीत, भजन और संत वाणी का बहुत बड़ा महत्व है। राजस्थान में मेले, मंदिर, भजन संध्या और धार्मिक कार्यक्रमों में भजन गायन की परंपरा बहुत पुरानी है।

सुनीता स्वामी इसी परंपरा को आगे बढ़ाने वाली युवा गायिकाओं में से एक हैं। उन्होंने भक्ति संगीत को digital platform पर popular बनाया। उनके कारण युवा generation भी भजन संगीत से जुड़ रही है।

उनके गीतों में राजस्थानी भाषा, लोक धुन और आध्यात्मिक भाव का अच्छा combination मिलता है। यही वजह है कि उनके भजन बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं को भी पसंद आते हैं।


सोशल मीडिया पर सुनीता स्वामी

आज किसी भी artist की popularity में social media का बड़ा role होता है। सुनीता स्वामी भी YouTube, Instagram और Facebook जैसे platforms पर काफी active दिखाई देती हैं।

उनके YouTube channel पर लाखों subscribers हैं। Instagram पर भी उनकी अच्छी following है। Facebook पर भी उनके fans की बड़ी संख्या है।

Social media के जरिए वह अपने नए भजन, live program, recording updates और personal moments fans के साथ share करती हैं। इससे उनका connection audience के साथ और मजबूत होता है।


Live Bhajan Sandhya और Stage Programs

सुनीता स्वामी सिर्फ YouTube singer नहीं हैं। वह live bhajan sandhya और stage programs से भी जुड़ी रहती हैं। कई धार्मिक कार्यक्रमों में उन्हें भजन प्रस्तुत करते देखा गया है।

Live program में उनकी गायकी का अलग ही असर होता है। जब वह भक्ति भाव से भजन गाती हैं, तो सुनने वाले लोग भी उस माहौल में पूरी तरह जुड़ जाते हैं।

राजस्थान में भजन संध्या की परंपरा बहुत मजबूत है और सुनीता स्वामी जैसे कलाकार इस परंपरा को नई पहचान दे रहे हैं।


सुनीता स्वामी की उपलब्धियां

सुनीता स्वामी ने कम उम्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने गांव और क्षेत्रीय स्तर से निकलकर digital world में अपनी पहचान बनाई।

उनकी कुछ प्रमुख उपलब्धियां:

  • YouTube पर लाखों नहीं, बल्कि million level की audience

  • 900 से ज्यादा videos की strong digital presence

  • Instagram और Facebook पर बड़ी fan following

  • राजस्थान की popular भजन गायिकाओं में नाम

  • भक्ति संगीत को young generation तक पहुंचाने में योगदान

  • परिवार के सहयोग से successful music career बनाना

इन उपलब्धियों से साफ पता चलता है कि मेहनत और talent के दम पर कोई भी artist अपनी पहचान बना सकता है।


सुनीता स्वामी की आय और नेट वर्थ

बहुत से लोग internet पर search करते हैं कि सुनीता स्वामी की income कितनी है या उनकी net worth कितनी है। लेकिन सच यह है कि उनकी exact income या net worth की कोई publicly verified जानकारी उपलब्ध नहीं है।

उनकी income के मुख्य source ये हो सकते हैं:

  • YouTube channel

  • Live bhajan programs

  • Stage shows

  • Music releases

  • Social media promotion

  • Recording projects

लेकिन बिना official confirmation के exact income बताना सही नहीं होगा। इसलिए किसी भी blog post या video में उनकी income को fixed amount बताने से बचना चाहिए। SEO और trust के लिए यह जरूरी है कि हम verified और safe जानकारी ही दें।


सुनीता स्वामी की उम्र

Internet पर सुनीता स्वामी की age को लेकर अलग-अलग जानकारी मिलती है। कई sources में उनका जन्म वर्ष 2004 बताया जाता है। इस हिसाब से 2026 में उनकी उम्र लगभग 21-22 साल के आसपास मानी जा सकती है।

हालांकि exact date of birth को लेकर online sources में difference है। इसलिए सही जानकारी के लिए official source या उनके verified social media update को ही मानना बेहतर रहेगा।


सुनीता स्वामी क्यों famous हैं?

सुनीता स्वामी के famous होने के पीछे कई कारण हैं:

  1. उनकी मधुर आवाज

  2. भक्ति भजनों में भावपूर्ण गायकी

  3. राजस्थानी लोक संगीत से जुड़ाव

  4. YouTube पर strong presence

  5. परिवार और studio support

  6. सरल स्वभाव और सादगी

  7. गांव से निकलकर बड़ी पहचान बनाना

लोग उन्हें इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि उनकी गायकी में दिखावा नहीं, बल्कि सच्चा भक्ति भाव महसूस होता है।


छोटे शहरों के युवाओं के लिए प्रेरणा

सुनीता स्वामी की कहानी छोटे शहरों और गांवों के युवाओं के लिए बहुत प्रेरणादायक है। उन्होंने यह साबित किया कि talent केवल बड़े शहरों में ही नहीं होता। अगर व्यक्ति मेहनत करे और सही platform मिले, तो गांव से भी बड़ा नाम कमाया जा सकता है।

आज YouTube, Instagram और Facebook जैसे platforms ने हर artist को मौका दिया है। लेकिन सिर्फ platform होना काफी नहीं होता। मेहनत, consistency और audience से जुड़ाव भी जरूरी होता है। सुनीता स्वामी की सफलता इन सभी बातों का अच्छा example है।


सुनीता स्वामी से क्या सीख मिलती है?

सुनीता स्वामी की journey से हमें कई बातें सीखने को मिलती हैं:

  • अपने talent को कभी छोटा मत समझो

  • परिवार का support बहुत important होता है

  • छोटे गांव से भी बड़ा नाम बनाया जा सकता है

  • digital platform सही तरीके से use करो

  • अपनी culture और roots को मत भूलो

  • मेहनत और consistency से पहचान बनती है

  • success में समय लगता है, लेकिन प्रयास बंद नहीं करने चाहिए

उनकी कहानी बताती है कि अगर मन में लगन हो तो रास्ते खुद बनते चले जाते हैं।


सुनीता स्वामी की भविष्य की संभावनाएं

सुनीता स्वामी ने अभी बहुत कम उम्र में अच्छी पहचान बना ली है। आने वाले समय में वह और भी बड़े मंचों पर नजर आ सकती हैं। उनके पास आवाज, audience और digital reach तीनों मौजूद हैं।

भविष्य में वह:

  • और ज्यादा devotional albums release कर सकती हैं

  • बड़े live shows कर सकती हैं

  • national level पर पहचान बना सकती हैं

  • नए musicians के साथ collaboration कर सकती हैं

  • राजस्थानी भक्ति संगीत को और आगे ले जा सकती हैं

उनके fans को उनके नए भजनों और live programs का इंतजार रहता है।


निष्कर्ष

सुनीता स्वामी नागौर की जीवनी मेहनत, प्रतिभा और परिवार के सहयोग की एक सुंदर कहानी है। उन्होंने अपनी मधुर आवाज और भक्ति संगीत के प्रति लगन से लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई है।

आज वह राजस्थान की लोकप्रिय भजन गायिकाओं में गिनी जाती हैं। YouTube और social media ने उनकी आवाज को दूर-दूर तक पहुंचाया है। उनकी कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो छोटे गांव या शहर से आता है और अपने talent के दम पर कुछ बड़ा करना चाहता है।

सुनीता स्वामी की सबसे बड़ी खासियत उनकी सादगी और भक्ति भाव है। यही कारण है कि लोग उनके भजनों से सिर्फ entertainment नहीं, बल्कि शांति और positivity भी महसूस करते हैं।

अगर आप भक्ति भजन, राजस्थानी लोक संगीत और संत वाणी सुनना पसंद करते हैं, तो सुनीता स्वामी के भजन जरूर सुन सकते हैं।


FAQ: सुनीता स्वामी से जुड़े सवाल-जवाब

1. सुनीता स्वामी कौन हैं?

सुनीता स्वामी राजस्थान की लोकप्रिय भजन गायिका हैं। वह खासतौर पर राजस्थानी भजन, गुरु वाणी और devotional songs के लिए जानी जाती हैं।

2. सुनीता स्वामी कहां की रहने वाली हैं?

सुनीता स्वामी का संबंध राजस्थान के नागौर क्षेत्र से माना जाता है। उनका नाम झोरड़ा गांव और नागौर से जुड़ा हुआ बताया जाता है।

3. सुनीता स्वामी किस type के गीत गाती हैं?

वह मुख्य रूप से भक्ति भजन, राजस्थानी लोक गीत, चेतावनी भजन, गुरु वाणी और संत वाणी गाती हैं।

4. सुनीता स्वामी का YouTube channel कौन सा है?

उनका popular YouTube channel “Sunita Swami Official” के नाम से जाना जाता है।

5. सुनीता स्वामी की age कितनी है?

Online sources के अनुसार उनका जन्म वर्ष 2004 के आसपास बताया जाता है। इस हिसाब से 2026 में उनकी उम्र लगभग 21-22 साल के आसपास मानी जा सकती है। Exact date के लिए official confirmation जरूरी है।

6. सुनीता स्वामी के भाई का क्या नाम है?

उनके भाई का नाम राजू स्वामी बताया जाता है, जो music और studio work से जुड़े हुए हैं।

7. सुनीता स्वामी famous क्यों हैं?

वह अपनी मधुर आवाज, भक्ति भाव, राजस्थानी संगीत शैली और YouTube popularity के कारण famous हैं।

8. सुनीता स्वामी की income कितनी है?

उनकी exact income publicly verified नहीं है। उनकी कमाई YouTube, live programs और music projects से हो सकती है, लेकिन exact amount बताना सही नहीं होगा।

9. सुनीता स्वामी के popular भजन कौन-कौन से हैं?

उनके popular भजनों में “एसो नही है जन्म बारम्बार”, “हरी गुण गाये ले रे”, “पहले जैसा प्रेम हमेशा कोनी रेवे रे”, “राम सुमरले सुखरत करले” और कई गुरु वाणी भजन शामिल हैं।

10. क्या सुनीता स्वामी live program करती हैं?

हां, वह भजन संध्या और live stage programs से भी जुड़ी रहती हैं।


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राजस्थान की लोकप्रिय भजन गायिका सुनीता स्वामी की प्रेरणादायक कहानी पढ़ें। जानिए उनका जीवन परिचय, संगीत सफर, YouTube सफलता और लोकप्रिय भजन आसान हिंदी में।

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कमला हैरिस अमेरिका की उपराष्ट्रपति की जीवनी – Biography of Kamala Harris in Hindi

 कमला हैरिस: अमेरिका की उपराष्ट्रपति की जीवनी – Biography of Kamala Harris in Hindi

नमस्कार पाठकों, आप सभी का हमारे ब्लॉग cngoswamy.blogspot.com में आप सभी का सवागत है।

साल 2020 में हुए चुनाव में अमेरिका की भारतीय मूल की कमला हैरिस (Kamala Harris) को अमेरिका का उप राष्ट्रपति चुना गया है।


कमला हैरिस भारतीय मूल की है और उन्होंने भारत देश का नाम भी रोशन किया है।


 कमला हैरिस एक अमेरिकी राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान में कैलिफोर्निया से सीनेटर तथा मूल भारतीय हैं। वर्ष 2020 में हुए अमेरिका में चुनाव में कमला हैरिस ने अमेरिका के उप राष्ट्रपति पद का पदभार ग्रहण किया है। इसके साथ ही वह अमेरिका के इतिहास में पहली महिला है। इसके अलावा वह पहली ब्लैक एंड फर्स्ट एशियन अमेरिकन (First Black and Asian-American) है, जो कि पहली बार अमेरिका के उप राष्ट्रपति का पदभार संभालेगी। आज के हमारे इस ब्लॉग में हम कमला हैरिस (Kamala Harris) के जीवन के बारे में विस्तार से बताएंगे। "Biography of Kamala Harris in Hindi"

कमला हैरिस (Kamala Harris) का जन्म ऑकलैंड, कैलिफ़ोर्निया अमेरिका में हुआ था। इनका जन्म 20 अक्टूबर 1964 को हुआ था। इनके पिता का नाम डॉनाल्ड हैरिस (Donald Harris) है। इनकी माता का नाम श्यामला गोपालन हैरीश (Shyamala Gopalan Harris) है। इनके पति का नाम डग्लस इम्होफ (Douglas Emhoff) है। इनके पिता एक जाने-माने आर्थिक दर्शन शास्त्री है। जो कि मूल रूप से अमेरिकन जमाईकन मूल के हैं। इसके साथ ही वे साल 1966 से 1967 के बीच में उरबाना-शैंपेन विश्वविद्यालय में इलिनोइस विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर रह चुके हैं। इनकी माता श्यामलाल गोपालन हैरिस बायोमेडिकल वैज्ञानिक है। इनके पति पैशे से एक वकील है।


कमला हैरिस का प्रारंभिक जीवन – Early life of Kamala Harris

कमला हैरिस का जन्म 20 अक्टूबर, 1964 को कैलिफोर्निया के ऑकलैंड में हुआ था। उनके पिता का नाम डॉनल्ड हैरिस है। जोकि कैलिफ़ोर्निया के एक विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रह चुके हैं। उनकी माता का नाम श्यामला गोपालन है जो कि एक जीव विज्ञानिक है। उनकी माता श्यामलाल गोपालन ने स्तन कैंसर अनुसंधान में प्रोजेस्ट्रोन रिसेप्टर्स जीन उत्तेजक पर काम किया था। साल 1958 मैं अमेरिका से भारत में तमिलनाडु में विश्वविद्यालय में पोषण और एंड्रो क्रोनोलॉजी में 19 वर्षीय स्नातक छात्र के रूप में आई थी। कैलिफ़ोर्निया, बर्कले गोपाल ने 1964 में पीएचडी प्राप्त की। उनके पिता डॉनाल्ड हैरिस एक अर्थशास्त्री के तौर पर स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रहे थे। जो कि साल 1961 में यूसी बर्कले में स्नातक अध्ययन करने के लिए ब्रिटिश जमेका से अमेरिका पहुंचे थे। साल 1966 में उन्होंने अर्थशास्त्र में पीएचडी (PhD) की डिग्री प्राप्त की। Biography of Kamala Harris in Hindi


कमला हैरिस की बचपन की पढ़ाई वही की एक एलिमेंट्री स्कूल (elementary School Berkeley) ऑकलैंड शुरू हुई। जिसमें ज्यादातर सफेद बच्चे पढ़ा करते थे। हर दिन बचपन में कमला हैरिस को उसके पड़ोसी एक african-american चर्च ऑकलैंड मिल ले जाया करते थे। जहां पर कमला कोयर ग्रुप में शामिल होकर के चर्च में गाना गाती थी। इस तरह से कमला हैरिस ईसाई धर्म से उसका चर्चा हुआ था। वही कमला हैरिस की माता ने उन्हें हिंदू धर्म और हिंदू मंदिरों के बारे में बताया था।


कमला हैरिस और उसकी बहन बचपन में अपनी माता के परिवार जो वर्तमान समय में चेन्नई कहलाता है कई बार आई भी है। वह अपने नानाजी जिनका नाम पी.बी गोपालन (P.V Gopalan) था उनसे काफी प्रभावित थी। पी.बी गोपालनएक रिटायर्ड भारतीय सेवा के अधिकारी रहे थे। इसके अलावा कमला हैरिस अपने पिता के परिवार जो कि जमाईका में रहता था उनसे भी मिली थी। Biography of Kamala Harris in Hindi


कमला हैरिस जब 7 साल की थी, तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया। हरीश ने कहा है कि जब वह और उसकी बहन वीकेंड पर पोलो अटोलिया में अपने पिता से मिलने गए,तो पड़ोसियों के अन बच्चों को उनके साथ खेलने की अनुमति नहीं दी जाती थी क्योंकि वह काले थे। जब 12 वर्ष की हुई तो हैरिस और उसकी बहन अपनी मां के साथ मॉन्ट्रियल, क्यूबेक कनाडा चली गई। जहां उनकी माता श्यामला ने मैकगिल विश्वविद्यालय से संबंध यहूदी जनरल अस्पताल में एक शोध और शिक्षण का कार्य करना शुरू कर दिया था। उन्हें सच बोलने वाले प्राथमिक विद्यालय में डाल दिया गया था। इसके साथ ही साल 1981 में वेस्टमाउंट में क्युमेक हाई स्कूल से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। Biography of Kamala Harris in Hindi


अपनी हाई स्कूल खत्म करने के बाद हावर्ड विश्वविद्यालय से उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखी। साल 1986 में उन्होंने हावर्ड विश्वविद्यालय से अर्थ शास्त्र और राजनीति विज्ञान डिग्री हासिल की। इसके बाद कमला हैरिस वापस कैलिफ़ोर्निया लौट गई। कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी से उन्होंने वकालत की डिग्री हासिल की। साल 1989 जूरिस डॉक्टर की उपाधि ली। इसके बाद साल 1990 के आसपास कैलिफ़ोर्निया बार में वकालत करने लगी। कमला हैरिस की बायोग्राफी


कमला हैरिस का राजनीतिक जीवन – Political Career of Kamala Harris

साल 1990, में कमला हैरिस डेप्युटी डिस्टिक एटर्नी (Deputy District Attorney) के पद पर अलमेडा काउंटी केलिफोर्निया इनमें पद ग्रहण किया। इसी दौरान विल्ली ब्राउन (Willie brown) से उनकी मुलाकात हुई। ब्राउन एक ऐसा शख्स था जो राजनीति से काफी जुड़ा हुआ था। जिस चलते कमला हैरिस का नाम भी काफी बार मीडिया के सामने आया। इसके बाद वे विभिन्न क्षेत्रों में डिप्टी डिस्टिक एटर्नी का पदभार संभालती रही। इस बीच उन्होंने विभिन्न क्रिमिनल और कैसे उस पर अपने लेख भी लिखे हैं।


साल 2008 में अटॉर्नी जनरल ऑफ कैलिफ़ोर्निया (Attorney General of California) कि चुनाव के लिए उन्होंने अपने आप को एक मजबूत उम्मीदवार के रूप में घोषित किया। कैलिफ़ोर्निया की दोनों सैनिटर डायन सनस्टीन और बारबरा, हाउ स्पीकर नैंसी पेलोसी, यूनाइटेड फोरम वर्कर को फाउंडर इत्यादि ने कमला हैरिस का समर्थन किया था। अपने प्रतिद्वंदी अल्बर्ट टोरीख को को हराकर के 33% वोटों से उन्होंने अटॉर्नी जनरल ऑफ कैलिफ़ोर्निया का चुनाव जीता था।


3 जनवरी 2011 को हरीश ने शपथ ली, वह पहली महिला है, पहली अफ्रीकी अमेरिकन और राज्य के इतिहास में अटॉर्नी जनरल का पद संभालने वाली पहली दक्षिणी एशियाई अमेरिकी है। साल 2016 में वे कैलिफ़ोर्निया डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ गई। साल 2016 में हुए चुनाव में उन्होंने 40% वोट हासिल किए थे राष्ट्रपति बराक ओबामा और उपराष्ट्रपति जो बिडेन कमला हैरिस का समर्थन किया था। कमला हैरिस को आम चुनाव में कांग्रेस के साथी ऑटोमेटिक लोरेटा साचेंज का सामना करना पड़ा था।यह पहली बार था जब एक रिपब्लिकन सीनेट के लिए एक आम चुनाव में नहीं दिखाया दिया था क्योंकि कैलिफ़ोर्निया ने साल 1914 में सीधे सीमेंट और उनका चुनाव शुरू किया था।


नवंबर 2016 में उन्होंने चुनाव में 60% वोटों से कब्जा करते हुए जीत हासिल की थी।अपनी जीत के बाद उन्होंने अपर वासियों को राष्ट्रपति चुनाव डॉनल्ड ट्रंप की नीतियों से बचाने का वादा किया और साल 2016 के अंत तक अटॉर्नी जनरल बने रहने की घोषणा की।


साल 2020 में राष्ट्रपति चुनाव संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में जो बीडन (Joe Biden) का चुनाव होने के बाद कमला हैरिस ने 20 जनवरी 2021 से अमेरिका की उपराष्ट्रपति पद का पदभार संभाला। वह कार्यकाल में पहली महिला है साथ ही, साल 1929 में चार्ल्स कॉटेज (Charles Curtis) के बाद उपराष्ट्रपति बनने वाले रंग के पहले व्यक्ति है।


कमला हैरिस को मिले पुरस्कार एवं सम्मान – (Awards and Honours)

  • साल 2005 में, नेशनल ब्लैक प्रॉसिक्यूटर एसोसिएशन ने हैरिस को “Thurgood Marshall Award”से सम्मानित किया है।

  • साल 2005, मैं ही उन्हें अमेरिका के 20 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में भी शामिल किया गया था।

  • साल 2006 में, कमला हैरिस को नेशनल डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया था।
  • साल 2006 में ही उन्हें हावर्ड विश्वविद्यालय ने “कानून और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में असाधारण काम” के लिए हैरिस को अपने उत्कृष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया।
  • साल 2008 में कैलिफ़ोर्निया लॉयर पत्रिका द्वारा उन्हें वर्ष के 34 अटॉर्नी में से एक के रूम में नामांकित किया गया था।
  • साल 2008 में ही न्यूयॉर्क टाइम्स के लेख में उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति बनने की क्षमता वाली महिला के रूप में भी पहचाना गया और उन्हें “कठिन सेनानी” का नाम दिया गया।
  • साल 2013 में टाइम्स ने कमला हैरिस को 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक में शामिल किया।
  • साल 2016 में 20/20 पार्टीशन न्याय केंद्र ने सीनेटर टीम स्कॉट के साथ है कमला हैरिस को बिपार्टीशन न्याय पुरस्कार से सम्मानित किया था।
  • साल 2018 में, पर्यावरण संरक्षण में उनके नेतृत्व के लिए कमला हैरिस को ECOS पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

कमला हैरिस की निजी जिंदगी – Kamala Harris Personal life

Kamala Harris (कमला हैरिस) ने 22 अगस्त, साल 2014 को कैलिफोर्निया के सांता बराबरा में बिनवॉल एल एल बी के लॉस एंजेलिस कार्यालय में एक बार पार्टनर इंचार्ज रहे डग्लस एमहॉफ (Douglas Emhoff) से शादी की। इससे पहले कमला हैरिस अपनी पिछली शादी जो कि एक फिल्म निर्माता थे, Kerstin Emhoff से दो बच्चों की सौतेली मां है। अगस्त 2019 तक, कमला हैरिस और उनके पति की कुल संपत्ति 5.8 मिलियन डॉलर थी।


कमला हैरिस की बहन, माया हरीश एक वकील और राजनीतिक विश्लेषक है। उसके बहनोई टोनी वेस्ट उबेर के सामान्य वकील और संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी है। उनकी भतीजी मीना हैरीश,सोनू मेहनत महिला एक्शन अभियान की संस्थापक और उबेर में राजनीतिक और की प्रमुख है।



कमला हैरिस द्वारा लिखी गई पुस्तकें

  1. Smart on Crime:- A Career Prosecutor plan to make us safer.
  2. Superheroes are Everywhere.
  3. The truth We hold :- An American journey 



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विक्रमसिंह वालेरा कैसे बने एक सफल युवा आंत्रप्रन्योर (How VikramSingh Valrera became a successful young Entrepreneur.)

 जानिए विक्रमसिंह वालेरा कैसे बने एक सफल युवा आंत्रप्रन्योर

VikramSingh Valera Biography in hindi
VikramSingh Valera

सभी पाठकों का हमारे ब्लॉग पर हार्दिक स्वागत हैं । किसी भी प्रकार का सवाल है, तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे। जैसे- जैसे सोशल मीडिया का क्रेज बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कई युवा इसका सदुपयोग करके नाम और दाम दोनों कमा रहे हैं । और आज के डिजिटल युग में वे अपने सपनों को भी साकार कर रहे हैं।
आज के इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से एक ऐसे ही सख्स की बात करेंगे, जो कि राजस्थान के शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े हुए जिले से तालुकात रखते हैं। फिर भी उन्होने सोशल मीडिया के सदुपयोग से नाम और दाम दोनों कमा लिया । 
उनका नाम हैं - विक्रम सिंह वालेरा ।  

आखिर कौन है, विक्रमसिंह वालेरा (Who VikramSingh Valera is...)

विक्रमसिंह वालेरा का जन्म 11 जुलाई 1996 को राजस्थान राज्य के जालोर जिले के एक छोटे से गाँव में हुआ। वे एक किसान परिवार से तालुकात रखते हैं। उनका गृह जिला जालोर है, लेकिन वे वर्तमान में गुलाबी नगर जयपुर में निवास करते हैं। 
उनकी प्रारम्भिक शिक्षा आने ही गाँव के निजी विद्यालय से सम्पन्न हुई । उन्होने अपनी उच्च शिक्षा जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU ), जोधपुर से हासिल की। विक्रमसिंह वालेरा की बायोग्राफी

उनकी रुचियाँ -

बचपन से ही उन्हे Technology में काफी रुचि थी । इसके अलावा व्लोगिंग (Vlogging) करना, ब्लॉग (Blog) लिखना, ट्रेवलिंग करना, और नई- नई बुक्स पढ्ना उन्हे काफी पसंद हैं । 

VikramSingh Valera with Satish Kushwaha (SatishKVideos)
With YouTuber Satish Kushwaha


कॅरियर की शुरुआत और संघर्ष का सामना 

जैसा कि बचपन से ही उन्हें Technology में काफी रुचि थी, तो वे बहुत से सफल लोगों कि कहानियाँ पढ़-पढ़ कर, उनके साक्षात्कार देखकर और सुनकर उन्होने साल 2016 में ही अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था लेकिन  इस पर इतना ध्यान नहीं दिया और कॉपीराइट के कारण इनका चैनल ज्यादा दिनों तक नही चल पाया और वे इसमे असफल हो गए ।


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इसके बाद उन्होने एक नया चैनल शुरू किया और इसमे वे काफी हद तक सफल भी हुए । अगर आज कि बात करे तो  अलग अलग कैटेगरी में उनके 6 चैनल है तथा एक चैनल के लिए उन्हे यूट्यूब के द्वारा सिल्वर प्ले बटन भी मिला है। यूट्यूब के अलावा सोशल मीडिया के सारे प्लेटफॉर्म पर भी वे सक्रिय है। और वे ब्लॉगिंग भी करते हैं। ब्लॉगिंग के लिए उनकी कुल 4 वेबसाइट है । 

उनको यूट्यूब, गूगल, और ब्लॉगिंग की कई सारी इवेंट्स में भी आमंत्रित किया गया। VikramSingh Valera Biography in Hindi


Rashtriya Ratna Award  2020 Ceremony
At Rashtriya Ratna Award  2020 Ceremony


इस डिजिटल युग में उन्हे सोशल मीडिया के माध्यम से ही इतनी सारी पहचान मिल पाई है। साथ ही वे इसी सोशल मीडिया को कॅरियर के रूप में देखा और पहचाना है। इसी से ही कमाई कर रहे है। उन्हे अपने कार्य के लिए कई सारे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया, जैसे-

  • इंक्रेडिबल इंडियन आइकॉन अवार्ड 2019
  • राष्ट्रीय रत्न अवार्ड 2020
  • युवा कर्णधर अवार्ड 2020
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सिंगर ओजस्वी गीता गोस्वामी की जीवनी (Singer Ojasvi Geeta Goswami Biography in Hindi)

ओजस्वी गीता गोस्वामी की बायोग्राफी

अगर इन्सान में काबिलियत है, सफलता अपने आप चलकर उसके पास आ जाती है। एक ऐसी ही कहानी जिसमें मेहनत, संघर्ष और लगन से नामुमकिन भी हो गया मुमकिन। 

हिन्दी गीतों के साथ-साथ अब राजस्थानी गीत भी इंटरनेट पर धूम मचा रहे हैं।
ऐसा ही एक राजस्थानी गीत प्रदेश में औजस्वी के नाम से पहचान रखने वाली सिंगर “औजस्वी गीता गौस्वामी” की मधुर आवाज में “ढोला आपां रामदेव रे चालां” यूट्यूब पर धूम मचा रहा है।

जानिये...आखिर कौन है “औजस्वी गीता गौस्वामी ”…. ???

ओजस्वी गीता गोस्वामी
Singer Ojasvi Geeta Goswami



18 मार्च 1997 को राजस्थान की मरूधरा पर गढ सिवाना क्षेत्र की छप्पन की पहाङियों के मध्य स्थित एक छोटे से गाँव ‘जिनपुर’ में जन्म लेने वाली “औजस्वी गीता गौस्वामी” पाँचवीं कक्षा से ही  गाना शुरु कर दिया।

संगीत के प्रति लगन के कारण इन्होंने अपने संगीत की शिक्षा अपने ही पिताजी श्री कान नाथ जी से ग्रहण की। इनके पिताजी भी संगीत के ज्ञाता और देशी कलाकार है।
औजस्वी गीता गौस्वामी ने हाल ही में राजकीय महिला महाविद्यालय बालोतरा (बाङमेर) से कला संकाय में स्नातक की उपाधि ग्रहण की।

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इन्होंने संगीत के अलावा राजनीति के क्षेत्र में भी अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय स्तर पर ‘संयुक्त सचिव’ के पद पर चुनाव लङकर जीत हासिल की।
मात्र 20 साल की उम्र में इन्होंने अपनी मधुर आवाज के दम पर समस्त प्रदेशवासियों का दिल जीत लिया और हिन्दुस्तान के विशाल प्रदेश राजस्थान की मरुधरा पर अपनी पहचान स्थापित कर ली।
गौस्वामी कुल में जन्म लेने वाली औजस्वी गीता गौस्वामी अपने माता-पिता के साथ-साथ अपनी समाज का भी नाम रोशन किया है। माता-पिता की सबसे बङी सन्तान गीता गौस्वामी भजन, लोक-गीत, संत-वाणी और देशी भजन जैसे लाइव कार्यक्रम करती है।
इन्होंने गुजरात राज्य के राज्य नृत्य ‘गरबा’ का एक एल्बम भी अपनी मधुर आवाज में स्वरबद्ध किया है। इनका व्यक्तिगत यूट्यूब चेनल भी है। औजस्वी गायन के साथ-साथ राजस्थान की सर्वोच्च सेवा ‘राजस्थान प्रशासनिक सेवा’ (RAS) के प्रतियोगी परीक्षा के लिए भी तैयारी करती है। 

Singer Ojasvi Geeta Goswami

Ojasvi Geeta Goswami

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